Thursday, July 13, 2023

खनक


पहचान पूछा था..?  
मैं हर शाम अनजान हूँ ।
जर्रा दर्रा ढूँढा था.?
तेरे मैं में हम.. मेरे हम में तुम, मैं  रूहदारी हूँ…।
तेरी हँसती खनक भी बसती है साँसों में मेरे,
...
और तुम सुन के भी सुन ना पाये,  मैं सन्नाटे की आवाज़ हूँ..!

Tuesday, July 4, 2023

तिनके

 

ये अकेली इक जान क़ाबिलियत हो ही नहीं सकती,

तेरे शिखर तक सफ़र के हर मोड़ पे, 
कुछ हमसफ़र अनाम शरीक हैं।

बहुत मशरूफ़ हो गये तुम तारीफ़ों में,
एक नज़र देखो तो सही,

बैया कि घोंसले में तिनके बहुत बारीक हैं ॥


Saturday, May 20, 2023

सच या सही

 क्यूँ काढ़े क़सीदे पतझड़ की शाख़ों पे,

क्यों बाँटे वादे पूनमी चाँद-सितारों के ?

क्यों हो पहरा सोच का, कहो ना अपनी अनकही,

क्यों ये मैं तय करूँ, तू सच है या सही.!


Sunday, May 7, 2023

लहरें..

​जिस नज़ाकत से ये समुन्दर की लहरें,

किनारों पे आ पैरों को छू के जाती हैं ।

यक़ीन कहाँ होता है,

 के इन्होंने कभी कश्तियाँ डुबोयी होंगी॥

Saturday, April 29, 2023

चाँदनी


दरख़्तों से पुराने सामान समेट रहा था,
कुछ तस्वीरों में मेरे साथ, तुम वापस नज़र आयी।
….
यादों में ज्येष्ठ की रातें थी,
गाँव के पोखर से छलकती चाँदनी बिसरायी ॥

Thursday, April 13, 2023

तजुर्बा

 तजुर्बा चाहो तो कुछ मिटा दो अपनी हस्ती को,

के दान ख़ाक में मिलकर गुल ए गुलज़ार होता है।

मतलब की है दुनिया, कौन किसका होता है,

अरे धोखा तो वही देता है, जिसपे भरोसा होता है ॥

Sunday, April 9, 2023

खामोशी


मंजिलें मिलके बदल जाती हैं, 
मुझे मेरे रास्ते पसंद हैं।

ख़ुद ख़ैरियत की तसल्ली अब दूर से टेलीफोन पर दे जाते हैं,
मुझे इन ‘दूरियों’ से दूरियाँ पसंद है ॥

...

निःशब्द होना यूँ तो फ़ितरत नहीं हमारी, पर,
बहुत शोर है मेरे अंदर, और मुझे खामोशी पसंद है…