Thursday, April 13, 2023

तजुर्बा

 तजुर्बा चाहो तो कुछ मिटा दो अपनी हस्ती को,

के दान ख़ाक में मिलकर गुल ए गुलज़ार होता है।

मतलब की है दुनिया, कौन किसका होता है,

अरे धोखा तो वही देता है, जिसपे भरोसा होता है ॥

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