Saturday, May 20, 2023

सच या सही

 क्यूँ काढ़े क़सीदे पतझड़ की शाख़ों पे,

क्यों बाँटे वादे पूनमी चाँद-सितारों के ?

क्यों हो पहरा सोच का, कहो ना अपनी अनकही,

क्यों ये मैं तय करूँ, तू सच है या सही.!


Sunday, May 7, 2023

लहरें..

​जिस नज़ाकत से ये समुन्दर की लहरें,

किनारों पे आ पैरों को छू के जाती हैं ।

यक़ीन कहाँ होता है,

 के इन्होंने कभी कश्तियाँ डुबोयी होंगी॥