Saturday, May 20, 2023

सच या सही

 क्यूँ काढ़े क़सीदे पतझड़ की शाख़ों पे,

क्यों बाँटे वादे पूनमी चाँद-सितारों के ?

क्यों हो पहरा सोच का, कहो ना अपनी अनकही,

क्यों ये मैं तय करूँ, तू सच है या सही.!


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