Sunday, May 7, 2023

लहरें..

​जिस नज़ाकत से ये समुन्दर की लहरें,

किनारों पे आ पैरों को छू के जाती हैं ।

यक़ीन कहाँ होता है,

 के इन्होंने कभी कश्तियाँ डुबोयी होंगी॥

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