Thursday, July 13, 2023

खनक


पहचान पूछा था..?  
मैं हर शाम अनजान हूँ ।
जर्रा दर्रा ढूँढा था.?
तेरे मैं में हम.. मेरे हम में तुम, मैं  रूहदारी हूँ…।
तेरी हँसती खनक भी बसती है साँसों में मेरे,
...
और तुम सुन के भी सुन ना पाये,  मैं सन्नाटे की आवाज़ हूँ..!

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