Friday, August 18, 2023

रेत पे कदम


जो छलक जातीं ये!  तो होंठों की मुस्कान, झूठी, बदनाम हो जाती,

…पलकों नें अशकों को क्या खूब सम्भाला है!

मेरे ज़ख़्म ढूँढने की कोशिश भी मत करना मेरे दोस्त,

मैंने बहती हुई रेत पे कदमों का छाप छुपाया है।।

Saturday, August 5, 2023

दोस्ती का कल..

सोचो के कल हम कहाँ होंगे,

ना रास्ते राह बदलेंगे,  ना मुश्किलें मंज़िल..।

कुछ कम कमा के भी बेशक बेपरवाह मुस्कुरा लेंगे,
पर छूट गए जो यार राह में, 
तो कर फ़तह आसमाँ, क़ीमत गँवा देंगे.

सोचो के कल हम जहां होंगे,
ढलता सूरज तुम भी देखोगे, बिखरती चाँदनी हम भी दर्शेंगे।

याद आये जो अब हमारी तो नज़र मत झुकाना,
दोस्ती नाकाम समझ, आंसू मत बहाना,
आँखे खोल बाहें फैला के देखना वहाँ,
 जहां आसमाँ कुछ नीला होगा, 
 एक किनारा तुम्हारा होगा और …
…दूर कहीं एक किनारा हमारा होगा..!

Friday, July 21, 2023

पन्ने



 कुछ स्याही ले लिया हमनें, कुछ पन्ने हयात के लिख डाले।
उधार की स्याही थी जनाब…
२ शब्द खूबसूरत लिखे, बाक़ी सब नम डाले॥ 

Saturday, July 15, 2023

दूरियाँ


अंजाम कहाँ सभी को माशूक़ होता है,
पैगाम कहां मोहब्बत से बे-ताहरूफ होता है! 
हुआ तो हुआ यूं कि...
कहीं एतबार हो जाता है, कभी एहसास रह जाता है।
अब जो सोचता हूं तुझे तो सिमटती है चांदनी मेरी,
तुझसे दूरियों में शाम, शमशान सा नजर आता है |

 

 

Thursday, July 13, 2023

खनक


पहचान पूछा था..?  
मैं हर शाम अनजान हूँ ।
जर्रा दर्रा ढूँढा था.?
तेरे मैं में हम.. मेरे हम में तुम, मैं  रूहदारी हूँ…।
तेरी हँसती खनक भी बसती है साँसों में मेरे,
...
और तुम सुन के भी सुन ना पाये,  मैं सन्नाटे की आवाज़ हूँ..!

Tuesday, July 4, 2023

तिनके

 

ये अकेली इक जान क़ाबिलियत हो ही नहीं सकती,

तेरे शिखर तक सफ़र के हर मोड़ पे, 
कुछ हमसफ़र अनाम शरीक हैं।

बहुत मशरूफ़ हो गये तुम तारीफ़ों में,
एक नज़र देखो तो सही,

बैया कि घोंसले में तिनके बहुत बारीक हैं ॥


Saturday, May 20, 2023

सच या सही

 क्यूँ काढ़े क़सीदे पतझड़ की शाख़ों पे,

क्यों बाँटे वादे पूनमी चाँद-सितारों के ?

क्यों हो पहरा सोच का, कहो ना अपनी अनकही,

क्यों ये मैं तय करूँ, तू सच है या सही.!