Saturday, October 12, 2024

वक्त का Fitoor...

जब ख़्वाब  से था जुड़ा, वो भी एक वक़्त था,
जो वक़्त ने है छीन लिया, वो भी तो वक़्त था !

फिर वो भी एक वक़्त था जब वक़्त की ज़ुबान फ़ितूर थी:
एक अश्क़ था - एक मोहब्बत थी,
एक प्यार था, एक नज़्म थी,
एक इश्क़ था - एक तुम थे,
एक सच था और एक हम थे..!

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