Sunday, August 25, 2024

हार - जीत


तिजोरी छोड़ रिश्तों की गाँव में, हम सिक्कों की बाज़ी खेलने शहर आ गये,

जहाँ कोशिशों में जीत थी, हम उम्मीदों से हार गये…

सौदा सादा था,

और वो सब मुझसे जीत गये जो घर छोड़ के नहीं गये ।।

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