कभी गर्म चाय की प्याली में,
बारिश की शीतल बूँदों को टपकते देखा है?
बारिश की शीतल बूँदों को टपकते देखा है?
…
प्यार और ग़ुस्से में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं है उसके…
कभी ग़ुस्से से डाँटते वक़्त माँ को रोते देखा है..!
कभी ग़ुस्से से डाँटते वक़्त माँ को रोते देखा है..!


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