Wednesday, May 1, 2024

धुआँ..!


वो कश तुम्हारी थी, 

उड़ गया जो धुआँ हमारा हुआ;

इस इश्क़ का इखलाक तुम्हारा था, 

और.., ये इत्तेफाक हमारा हुआ ।



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