Wednesday, December 14, 2022

तू है ना.!



तू है या नहीं, जवाब बता अब कहाँ से लाऊँ… !?

जो किया तूने इशारा भी जवाब का, मैं ख़ुद से जीत जाऊँ ।

कहाँ करूँ तुझे तलाश, तेरे अक्स का पता नहीं।

बस इतना है पहचाना के तू है अनंत, तू ही है अंत भी ॥

जो तुझे मिल जाऊँ अगर, जानें क्या क्या कर जाऊँ.!

तू बन आ जोगी मैं धूनी रमाऊँ, तू उठा डमरू मैं नग बन जाऊँ॥



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